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Bandukbaz Babumoshay : the cult it could have been.

कविता से चरम महत्वाकांक्षी व्यक्ति हमेशा निराश रहते हैं : राजकिशोर राजन

आत्मकथ्य : निशांत रंजन

युवा कविता #2 : शशांक मुकुट शेखर

रेखना मेरी जान और रत्नेश्वर - सुधाकर रवि और नचिकेता वत्स से बातचीत.

मील के पत्थर

पटना में चल रही ग़ैर-कविताओं और यहाँ के अ-कवियों के बारे में सोचते हुए कविता के एक ठेकेदार के रफ़ नोट्स - अंचित

आज चंद्र्ग्रहण है - निशान्त

जब तक आदमी का होना प्रासंगिक है कविता भी प्रासंगिक है - कुमार मुकुल