युवा कविता #8 विक्रांत

विक्रांत थियेटर करते हैं. कवितायेँ भी लिखते हैं . कहते हैं - DNA में है। नहीं लिखेंगे तो पगला जायेंगे।

पहाड़ी

चंडूकखाने की गप्प सुनता पहाड़ी
सुडुकता रहता है चाय
और सोखता रहता है धुआँ
बात तक नहीं पूछता
सब हज़म कर जाता है
चूँकि खायी है उसने पहाड़ी रोटियाँ
भुने हुए चने
कच्चे-पक्के आलू
और मूस
ज़िंदा पहाड़ों की दरारों में
संभल के
मगर आराम से, इत्मिनान से
क्यूंकि दरारों में होता है तो बस अँधेरा
और अँधेरे में बसा होता है, सुकून और आयाम को जोड़ने के रास्ते
दूसरे शब्दों में जो की ख़तरा है, रास्ता भूल जाने का
घर वापसी का
एक भटकाव है, जैसे इंद्रजाल
उसी रास्ते चला आया है
इस चंडूक खाने में
जो कि तिलिस्मी है
आकर्षक है
और भरा हुआ है लज़ीज अनुभवों से
सिवाय भुने हुए, मानव गोश्त के
सो उँगलियाँ दबा के बैठा हुआ है पहाड़ी।

 विज्ञान

पीड़ित हूँ,
भ्रमित हूँ,
अपने ही विचारों से
और विचारों के पीछे के विज्ञान से
वैसे हर किसी के पीछे छिपा होता है, एक विज्ञान
अस्तित्व का, जीविकोपार्जन का
आशक्ति का, प्रगति का
उत्थान का, निर्माण का
संस्कारों का, संहार का
विक्षिप्तता का, विरोधाभास का
प्रतिरोध का, प्रतिशोध का
दान का, अभिमान का
आदि का, इत्यादि का
अंत से अनंत का
फलना-चिलना-ढिलना का
उसके होने न होने का
और उसके ऐसे-वैसे और जैसे-तैसे होने का
पेंचिदगी से भरा
किसी केंद्र बिंदु, किसी धुरी पे
शायद चेतन और अवचेतन के बीच
जो हमारी असलियत को वीभत्स कर देता है
बदल देता है, रोक देता है
जो कुछ करने और कहने के बीच एक समानांतर रेखा खींच देता है
अब देखो ना
एक उदाहरण ये भी है कि
मैं चिल्लाकर पुकारना चाहता हूँ, तुम्हारा नाम
लेकिन हल्के और अनमने ढंग से फुसफुसाता हूँ, सर्वहित में
विज्ञान है,
तिस पर भी हवाएँ धकेल देती है, इस फुसफुसाहट की ध्वनि को
बहते हुए
विपरीत दिशा में
और ये सृष्टि का विज्ञान है।

जमदूत

भलमनसाहत की परिधि में रहकर
जब मैं धुत था, शुन्य में
जमदूतों ने मुझे घेर लिया
विक्षिप्त
बीमार
और संवेदनाओं से भरे हुए जमदूत
प्रेम करने को आतुर
जो बातें कर रहे थे
उदगारों की
संभावनाओं की
काया-कल्प की
वॉइड की
उस समय शायद मैं ही संकटमोचन था
जिसकी खुद की ही धुरी नहीं
बस जेब में एक डिबिया सिगरेट
और उलझे बालों में सफेदी
उनसे उकता कर, चिढ़ कर
मैं बस निकल भागना चाहता था
पर परिधि!
और ऐसे में एक ही सवाल उठ रहा था, ज़ेहन में
मैं ही क्यों?
मैं ही क्यों?